‘Raktanchal’ Review: गाली देने से कोई फैजल ख़ान नहीं बन जाता

‘Raktanchal’ Review: गाली देने से कोई फैजल ख़ान नहीं बन जाता

By Naseem Shah29 May, 2020 4 min read
‘Raktanchal’ Review: गाली देने से कोई फैजल ख़ान नहीं बन जाता
एक और वासेपुर
55%Overall Score

रक्तांचल 9 एपीसोड की सीरीज कल ही रिलीज हुई है। सिरीज को देखने के बाद एक बात तो साफ हो जाती है कि हर दौर में एक ऐसी फ़िल्म होती है उसके बाद आने वाली फ़िल्में जिस से प्रभावित होती हैं। गैंग्स ऑफ वासेपुर इस दौर की वो फ़िल्म है। अनुराग कश्यप ने उस फ़िल्म में ऐसा कालजयी काम किया है कि हर साल उस से प्रभावित होकर कितनी फ़िल्में और सीरीज बनती हैं। रक्तांचल सीरीज भी उन्हीं में से एक है।

निर्देशक: रितम श्रीवास्तवा
कलाकार: निकितिन धीर, क्रांति प्रकाश झा, विक्रम कोच्चर, चितरंजन त्रिपाठी, कृष्णा बिष्ट, प्रमोद पाठक, बासु सोनी सौन्दर्या शर्मा
प्लेटफार्म: MX Player

कहानी पूर्वांचल उत्तर प्रदेश की सच्ची घटनाओं से प्रभावित है, ऐसा स्क्रीन पर लिखा आता है। वह सच्ची घटना कब घटीं, किस तरह से घटीं सीरीज देखते समय उन बातों पर ध्यान देने से देखने वालों का मजा खराब हो सकता है। अब से 45 साल पहले हर फ़िल्म में क्रिमिनल की एक ही कहानी होती थी। उसके पिता जो बड़े आदर्श वादी होते थे। वह अपनी जान की परवाह किये बिना बाहुबली के गुंडों से भिड़ जाया करते थे। बाहुबली के गुंडे उनकी हत्या कर देते थे। अपने पिता का बदला लेने के लिए आई.एस की तैयारी कर रहा बेटा बदमाश बन जाता है।

रक्तांचल की भी यही कहानी है। वसीम ख़ान (निकितिन धीर) एक बाहुबली है। उसके क्षेत्र में उसकी मर्जी के बिना कोई नेता चुनाव नहीं जीत सकता। उसके होते हुए कोई सरकारी ठेका किसी और को नहीं मिल सकता। पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। पूर्वांचल की खादानों पर, सरकारी ठेकों पर और हर कीमती जमीन पर वसीम ख़ान का कब्जा है।

विजय वर्मा (क्रांति प्रकाश झा) आई,एस की तैयारी कर रहा है। खादान के कुछ मजदूरों के लिए उसके पिता बाहुली वसीम के गुडों से भिड़ जाते हैं। वसीम के गुंडे उसकी हत्या कर देते हैं। विजय इसी का बदला लेने के लिए जुर्म की दुनिया में उतर जाता है। वह बहुत जल्द वसीम खान को जुर्म की दुनिया में बराबर की टक्कर देता है।

विजय वसीम खान के लोगों को मारने लगता है। उसके ठेके कब्जाने लगता है। उसकी राजनीतिक पकड़ को कमजोर करने लगता है। विजय वसीम के बराबर तो हो जाता है। वह बार-बार उसे मारने का प्लान करता है लेकिन मार नहीं पाता है।

सिनेमा की नज़र से

कहानी तो बहुत ही साधारण है। लेखक वासेपुर से ज़्यादा प्रभावित है इसलिए उसने बहुत सारे सीन मिलते-जुलते ही लिख दिये हैं। दस एपीसोड की सीरीज और 2 घंटे की फ़िल्म को लिखने में बहुत फर्क़ होता है। लेखक एपीसोड लिखते समय वो फर्क़ नहीं कर पाया। संवादों में गालियां जिस तरह से बोली जा रही हैं बुरी लगती है। हर समय हर किरदार गाली नहीं देता है। संवाद इतने सरल और सादे हैं कि जरा भी प्रभावित नहीं करते हैं। कुछ अच्छी बात अगर है तो ये कि लोकेशन अच्छी इस्तेमाल की हैं जिसमें काफी हद तक पूर्वांचल दिख जाता है।

निर्देशक रितम श्रीवास्तवा ऐसा नहीं कि फ़िल्मों में बहुत नये हैं। कई अच्छी फ़िल्मों में उनका क्रेडिट है। तानाशाह, मेटरनिटी जैसी फ़िल्म बना चुके हैं तो वहीं राजनीति और चक्रव्यूह जैसी बड़ी फ़िल्मों के निर्देशन से भी जुड़े रहे हैं। उसके बाद भी वो 9 एपीसोड की सीरीज में ऐसा कुछ खास कारनामा नहीं कर पाये। ऐसा लगता है कि रक्तांचल की शूटिंग का दौरान ने उन्होंने गैग्स ऑफ वासेपुर बहुत बार देखी है। कितने अच्छे सीनों को भी उन्होंने मैलोड्रामा बना दिया है।

रितम दास ने जिस कहानी को छुआ है उस कहानी पर बहुत लोगों की नज़र थी। बहुत सारे लेखकों ने अपने ड्राफ्ट लिख रखे होंगे। उन्होंने पहल कर दी। उन्हें कुछ अलग करना चाहिए था। रक्तांचल से पहले मिर्जा पुर, रंगबाज, सेक्रेड गैम्स जैसी क्राइम थ्रिलर सीरीज आ चुकी हैं। वह चाहते तो एक ऐसी ही कामयाब सीरीज बना सकते थे।

निर्देशक से कास्टिंग में भी चूक हुई है। कहानी में विजय वर्मा और वसीम खान दोनों ही मुख़्य भूमिका में हैं। निकितिन धीर का बड़ा शरीर जिस तरह वसीम खान जैसे बाहुबली की इमेज दिमाग में बनाता है। उनके काम से दिमाग में वेसी तस्वीर नहीं बनती है। निर्देशक बातों में वसीम ख़ान को बहुत बड़ा दिखा रहा है और एक्शन में बहुत ही कमजोर दिखा रहा है। विजय वर्मा के किरदार में क्रांति प्रकाश झा एकदम फिट नहीं बैठते हैं। उनकी मां और बहन के किरदार बनावटी जैसे दिखते हैं क्योंकि किसी भी सीन में वो मां, बहन और परिवार जैसा रिश्ता महसूस नहीं करा पाते हैं। बहुत ही साधारण से रिएक्शन उनके चेहरे पर दिखाई देते हैं। हालांकि उनके साथ वालों में कुछ लोग अच्छी एक्टिंग कर रहे हैं।

विक्रम कोच्चर जो की सेक्रेड गैम्स जैसी सीरीज में नवाजुद्दीन जैसे अनुभवी एक्टर और अनुराग जैसे अनुभवी निर्देशक के निर्देशन में काम कर चुके हैं। उसी का तजुर्बा है कि सारे किरदारों पर उनकी एक्टिंग भारी दिखती है। उनके आने से सीरीज में थोड़ी जान आ जाती है।

इस सीरीज का प्रोडक्सन देखकर नहीं लगता है कि पैसे की कमी रही होगा। उसके बाद भी इतने साधारण से सीन और फाईटिंग और गोली बारी का एक्शन तो बिल्कुल हल्का है।इस से ज़्यादा अच्छे सीन 60 साल पहले शूट होते थे जबकि उस जमाने में टेक्नोलॉजी भी आज के जैसी नहीं थी।  इस सीरीज का ड़ी.ओ.पी चाहता तो अच्छी लोकेशन का फायदा उठाकर सीनों में जान ड़ाल सकता था मगर अफसोस वो भी ऐसा करने में कामयाब नहीं रहा। ज़्यादातर सीन लॉंग शॉट में लिये गये हैं।

फ़िल्म बनने के बाद एडीटर बहुत हद तक फ़िल्म को संभाल लेता है। एडीटर ने एडीटिंग में ऐसा कुछ कमाल नहीं किया जो निर्देशक और सिनेमाटोग्राफर के काम पर रफू कर पाता। बहुत साधारण सी एडिटिंग रही है और उसमें भी कुछ सीन समय से पहले ही कट कर दिये हैं तो कुछ बार-बार रिपीट जैसे लगते हैं। संगीत थोड़ा एवरेज है ‘हमरी अटरिया चुपके से आना’ गाना अच्छा तो है लेकिन धुन थोड़ी कमजोर है।

कोई क्यों देखे?

इस समय क्राइम थ्रिलर सीरीज ने एक माहौल बनाया है। यही कारण है कि पिछले कई सालों में बड़े-बड़े बाहुबली माफियाओं की ज़िंदगी से प्रभावित होकर बहुत सीरीज आयी हैं। दर्शकों ने जिन्हें बहुत पसंद किया है। आप अगर ऐसी ही एक और क्राइम थ्रिलर सीरीज देखना चाहते हैं तो जरूर देखें। मजा भी आयेगा।

आप उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के बारे में जानकारी रखते हैंं। आपने वहां के बारे में अगर सुन रखा है तो सीरीज देखने में आपको मजा आयेगा।

आपको वासेपुर और मिर्जापुर का चस्का लगा चुका है। आप हर क्राइम थ्रिलर सीरीज से वैसी ही उम्मीद रखते हैं तो रक्तांचल आपको निराश कर सकती है।

इस समय जब पूरी दुनिया एक महामारी से गुज़र रही है। सारे देश में लोकडाऊन है। फ़िल्में सिनेमा घरों में रिलीज नहीं हो रही हैं। एक नई सिरीज फ्री में देख सकते हैं।

Tags: #MX player #Nikitin Dheer #Raktanchal #Vikram Kochhar
Naseem Shah
Written by

Naseem Shah

Trending articles

Exclusive: Vijay Varma Had To Run Away From Home To Be An Actor

Exclusive: Vijay Varma Had To Run Away From Home To Be An Actor

Vijay Varma is sure on a high. The actor has become one of the most sought-after faces in the web series space off late. In the past one year, Varma has given impressive performances in She, Mirzapur 2, A Suitable Boy, and most recently Disney+ Hotstar’s whacky sci-fi comedy series OK Computer.
By Neel Gudka < 1 min read
Mammootty’s Lockdown Blockbuster Is Coming To Amazon Prime Video
Malayalam Movie Article

Mammootty’s Lockdown Blockbuster Is Coming To Amazon Prime Video

Mammootty’s recent outing ‘The Priest‘ is dropping on Amazon Prime Video this Vishu and the audience who couldn’t catch up with it on the big screen are quite excited. The film garnered praise for its performances, making and background music. As you are warming up to watch the film on April 14, here are some of the things to look forward to – 
By Devisree Jayakumari 2 min read
Netflix Is Giving Us The Chaser To ‘Wild Wild Country’ We All Need

Netflix Is Giving Us The Chaser To ‘Wild Wild Country’ We All Need

Netflix dropped the first trailer of Searching for Sheela, their upcoming documentary about Ma Anand Sheela, the controversial former aide to spiritual figure Osho. Their story was previously the subject of the Netflix docuseries Wild Wild Country.
By Akhil Rajani < 1 min read
See more articles
Privacy Note
By using www.bookmyshow.com(our website), you are fully accepting the Privacy Policy available at https://bookmyshow.com/privacy governing your access to Bookmyshow and provision of services by Bookmyshow to you. If you do not accept terms mentioned in the Privacy Policy, you must not share any of your personal information and immediately exit Bookmyshow.
List your Show
Got a show, event, activity or a great experience? Partner with us & get listed on BookMyShow
Contact today!
Copyright 2021 © Bigtree Entertainment Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
The content and images used on this site are copyright protected and copyrights vests with the respective owners. The usage of the content and images on this website is intended to promote the works and no endorsement of the artist shall be implied. Unauthorized use is prohibited and punishable by law.