सूरजकुंड मेले का 24वां आयोजन इस बार 1 फरवरी से शुरू हुआ। फरवरी 16 को मेला ख़त्म हो जायेगा। अब सिर्फ दो दिन बचे हैं। वह लोग जो अभी तक मेले में नहीं जा पाये हैं। उनकी जानकारी के लिए मेले की दस ऐसी चीजें जिन्हें ना देखने को मलाल एक साल तक रहेगा।

पशमीना और मधुबनी

पशमीना की चादर एक अंगूठी से निकल जाती है। यह उसकी खासियत बताई जाती है। आप अगर गेट नम्बर तीन से जाते हैं। आप थोड़े से आगे बढ़ोगे तो आपको कपड़ों की दुकाने नज़र आयेंगी. यहां आप पशमीना से लेकर हर तरह का कपड़ा देख सकते हैं।भारत के सभी राज्यों से वहां आये लोग अपना कल्चर भी साथ लाये हैं। आपको भारत के गर राज्य के कपड़े आसानी से मिल सकते हैं। उनमें सलवार शूट से लेकर साड़ी और गर्म कपड़े भी शामिल हैं।

लकड़ी का सामान

एक अच्छे घर में को सजाने के लिए लकड़ी का सामान बहुत ही ज़्यादा मायने रखता है। सूरज कुंड मेले में आपको हर तरह की लकड़ी का सामान मिल सकता है। बस आपको उसकी पहचान होनी चाहिए।

पत्थरों के नगीने

आप गेट नम्बर 1 से जब प्रवेश करेंगे तो वहां कुछ दुकानों के बाद एक छोटी सी दुकान मिलेगी। उनके पास आपको मिलेंगे बहुत ही नायाब और किस्म-किस्म के पत्थर जिन्हें तराशने वाले ने बड़ी मुशकिल से तराशा है। इस मेले के बाद जो शायद ही आपको मिलें।

मधुबनी कला

मधुबनी पेंन्टिग्स जो बिहार की प्रसिद्द हैं। जिनका असली मिलना मुश्किल होता है लेकिन सूरज कुंड मेले में आसानी से आपको मिल सकती हैं। इसके अलावा हाथ से बनी चीजें जैसे, कपड़ा, लकड़ी का सामान, पेंटिग्स, आदी आप देख सकते हैं।

खाना खज़ाना

सूरज कुंड मेला घूमते हुए जब आप बीच में पहुंचते हैं तो आपको खाने के बहुत सारे आईटम दिखने लगते हैं। आपको भारत के जिस राज्य की जो भी खाने की चीज पसंद है आपको वहां आसानी से मिल सकती है।

कलाकृतियां

सूरज कुंड मेले की बनावट सबसे ज़्यादा आकृषित करती है। पहाडों के बीच फूंस की बनी झोंपडियों में छोटी-छोटी दुकाने बनी हुआ हैं। दिवारों पर बड़े अच्छे से चित्र बनाये गये हैं। आज के आदुनिक युग में भी सूरज कुंड मेला पुरानी संस्कृति को समाये हुए हैं।

फॉल्क डान्स

आप सूरज कुंड मेले में अगर गेट नम्बर एक से आते हैं। आपको नीचे उतरते हैं एक चबूतरे पर कुछ लोग मस्ती में ढ़ोल तासे बजाते दिखेंगे। उन्हीं में कुछ लोग मस्ती में नाचते दिखेंगे। उनके साथ मेला देखने आये लोग ठुमकते दिखेंगे। आप भी उनके साथ ठुमका लगा सकते हैं। उस से थोड़ा आगे चलोगे तो राजस्थान के लोग आपको थिरकते दिखेंगे आप चाहें तो उनके साथ भी ठुमका लगा सकते हैं। राजस्थान, हरियाणा के अलावा भी कई राज्यों के लोग फॉल्क डान्स करते नज़र आयेंगे। यह मेले का सबसे अच्छी और मनोरंजक चीज है।

विदेशी चीजें

सूरज कुंड मेले में आप गेट नम्बर तीन से आगे बढ़ते हुए, कुछ ही दूर चलने के झोंपडियों में विदेशी झंडे लगे पाओगे। युगांड़ा, मिश्र, सीरिया जैसे मुस्लिम देशों से आये लोगों के सामान आप खरीद सकते हैं। इजिप्ट के लोगों का लकड़ी का सामान, युगांडा वालों का हाथ से बना सामान और सीरिया के लोगों की पेंटिंग्स आप खरीद सकते हैं।

मिट्टी के बर्तन

आप आज भी अगर घर में मिट्टी के बने बर्तन देखना चाहते हैं। घड़ा, सुराही या पानी की बोतल तो आप चाहे जिस गेट से अंदर जायें आपको जगह-जगह मिट्टी के बर्तनों की छोटी-छोटी दुकाने मिल जायेंगी।

देशी दवायें और मेवा

आप गेट नम्बर एक नज़जीक हैं तो आप देशी दवायें, देशी सामान, घरेलू सामान, अफगानी और काबुली मेवा देख सकते हैं।