महाभारत 27 जुलाई को दिल्ली में स्टेज पर देख सकते हैं। महाभारत हिन्दोस्तान का एक ऐसा अफसाना है, जो ना जाने कितने हज़ार वर्षों पहले लिखा गया था। इस नाटक को लेकिन आज भी खेला जाता है।

यह नाटक पुनीत इस्सर ने लिखा है। नाटक दुर्योधन और कर्ण की दोस्ती पर केंद्रित है। दुर्योधन अंहकारी तो था, क्रोधी तो था, लालची भी था लेकिन एक अच्छा दोस्त भी था। वह पहला आदमी था जिसने जात-पात का विरोध किया था। ऊंच-नीच राजा रंक के भेदभाव को मिटाने का प्रयास किया था। इतने वर्षों बाद भी जब समाज में ऊंच-नीच जात-पात को लेकर भेदभाव की समस्या है तो आज के समय में यह नाटक और भी ज़्यादा प्रासांगिक हो जाता है।

महाभारत नाटक, म्यूजिक बैकग्राऊंड इफेक्टस के साथ कमानी ऑडीटोरियम में होने जा रहा है। नाटक के मुख़्य किरदारों में यह फ़िल्मी सितारे नज़र आयेंगे।

पुनीत इस्सर ने 1988 दूरदर्शन पर सबसे पहले बने महाभारत धारावाहिक में दुर्योधन का किरदार निभाया था। यह धारावाहिक भारत में बहुत प्रसिद्ध हुआ। इस धारावाहिक में पुनीत इस्सर ने दुर्योधन का किरदार निभाकर उसे हमेशा के लिए अमर कर दिया। दुर्योधन का नाम आते ही उन्ही की इमेज दिमाग में बनती है। जुलाई 27 को स्टेज पर होने वाले नाटक महाभारत की कहानी खुद पुनीत ने ही लिखी है। इस नाटक में उन्होंने कर्ण और दुर्योधन का पक्ष रखने की कोशिश की है।

Mahabharata
पुनीत इस्सर दुर्योधन के किरदार में

गूफी पेंटल ने दूरदर्शन के लिए बने महाभारत में  दुर्योधन के मामा सकूनी का किरदार निभाया था। इस किरदार के लिए गूफी पेंटल को हमेशा याद रखा जायेगा। यह किरदार उनकी ज़िंदगी की पहचान बन गया है। होने वाले इस नाटक में गूफी मामा सकूनी के किरदार में नज़र आयेंगे।

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गूफी पेंटल मामा सकूनी के किरदार में

मेघना मलिक ने 1997 में दिल्ली एन.एस.ड़ी से डिग्री ली थी। वह हिन्दी सीरियलों का जाना-माना नाम है। इन्होंने ना आना इस देश लाड़ो सीरियल में अम्मा जी का किरदार निभाकर सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा था। इन्होंन करीब दस नाटकों के साथ-साथ चलते-चलते और तारे जमीन पर जैसी फ़िल्मों में भी काम किया है।

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‘महाभारत’ नाटक का एक दृश्य

महाभारत पर टी.वी कई टी.वी धारावाहिक बन चुके हैं। महाभारत के कितने किरदारों पर भी फ़िल्म बन चुकी हैं। महाभारत की खास बात है कि इसके सारे किरदार अपने आप में इंटरस्टिंग हैं। सारे किरदार ही हीरो हैं। अगर देखा जाये तो महाभारत में कोई अपराधी नहीं है। सब अपने-अपने मुताबिक सही हैं।