जज़मेंटल है क्या का ट्रेलर रिलीज हो चुका है। फ़िल्म 26 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। फ़िल्म की इस से पहले रिलीज डेट बदली जा चुकी हैं। इस बार 26 जुलाई इसकी फाईनल डेट है। ट्रेलर में देखने पर फ़िल्म को लेकर बहुत सारे रहस्य, राज भी खुले हैं। फ़िल्म की कहानी क्या होगी, इस बात का किसी को अंदाजा नहीं था। फ़िल्म का ट्रेलर देखने के बाद फ़िल्म की कहानी पर बात करें, उस पहले चंद बातें फ़िल्म को लेकर करते हैं।

‘मेंटल है क्या’ से ‘जज़मेंटल है क्या’?

फ़िल्म जज़मेंटल है क्या का पोस्टर पहले ‘मेंटल है क्या’ के नाम से 17 जुलाई को रिलीज किया गया था। फ़िल्म के पोस्टर में कंगान रनोत और राजकुमार राव दोनों अपनी जीभ पर ब्लेड़ रखे हुए थे। फ़िल्म उस वक़्त 21 जून को रिलीज होने वाले थी। फ़िल्म के नाम और पोस्टर को लेकर इंडियन साइकेट्रिक सोसाइटी (IPS)  ने आपत्ति जताई। उनका कहना था, इस तरह के पोस्टर और नाम से मानसिक रोगियों पर गलत असर होगा।  इंडियन साईकेट्रिक सोसायटी ने सेंसर बोर्ड को एक लेटर लिखा जिसमें उन्होंने हवाला दिया कि फ़िल्म मेंटल है क्या के पोस्टर और नाम के जरिये मानसिक बिमारी को गलत तरह से दिखा रहे हैं।

कंगना रनोत ने हालांकि उस वक़्त सोशल मीडिया पर भी जवाब में कहा था, फ़िल्म किसी भी तरह से मानसिक रोगियों के मनोबल को आहत नहीं करती है।

इंडियन साइकेट्रिक सोसाइटी (IPS) के साथ ही दीपिका पादुकोण के एनजीओ द लाइव लव लाफ फाऊंडेशन ने भी कथिततौर पर फ़िल्म के टाइटल पर सवाल उठाया था।

कंगना की बहन रंगोली ने तो अपने ट्वीट कर यहां तक कहा था, मिस रनौत, जिन्हें तीन नेशनल अवॉर्ड मिले हैं और जो क्वीन और ‘मणिकर्णिका’ जैसी फिल्में कर के भारत में फैमिनिज्स मूवमेंट की प्रेरक शक्ति बन गई हैं, वह बहुत जिम्मेदार कलाकार हैं। इसलिए किसी निष्कर्ष पर ना पहुंचे।

इस सब के बाद फ़िल्म की निर्माता एकता कपूर ने सोशल मीडिया के जरिए लिखा था। यह फ़िल्म किसी भी प्रकार से मानसिक रूप से बिमार लोगों को आहत नहीं करती है, इस फ़िल्म का शीर्षक किसी की भावनाओं को अपमान करता नहीं दिख रहा है।

सेंसर बोर्ड ने इंडियन साईकेट्रिक सोसायटी की बातों को ध्यान में रखते हुए। निर्माता के साथ मीटिंग की और सहमित से फ़िल्म का नाम बदलने के साथ ही फ़िल्म को U/A सर्टीफिकेट दिया।

‘जज़मेंटल है क्या’ ट्रेलर देखने के बाद

फ़िल्म जज़मेंटल है क्या का ट्रेलर रिलीज होने के बाद फ़िल्म की कहानी का कुछ अंदाजा होता है। फ़िल्म का नाम सुनने के बाद दिमाग मे जैसी इमेज बनती थी। फ़िल्म को लेकर जितना समय लगा। फ़िल्म को लेकर जितने लोगों ने अपनी प्रतिक्रियायें दीं। फ़िल्म के ट्रेलर में ऐसा कुछ नज़र नहीं आया है।

फ़िल्म ट्रेलर के मुताबिक कहानी में दो किरदार हैं। राजकुमार राव देखने में नार्मल हैं, कंगना देखने में लेकिन नार्मल नहीं दिख रही हैं। एक दिन उनके आस-पास ही एक मर्ड़र हो जाता है। कंगना जो नार्मल नहीं दिखती हैं, वह राजकुमार राव पर इल्ज़ाम लगाती हैं। राजकुमार राव अपना बचाव कर रहे हैं। पुलिस के किरदार में सतीश कोशिक और बिजेंद्र काला इंवेस्टीगेशन करने में लगे हैं।

फ़िल्म का ट्रेलर देखने के बाद मुझे जानने की इच्छा होती है। दोनो में से आखिर वो मर्ड़र किसने किया है? उसने जो नार्मल दिख रहा है या उसने जो नार्मल नहीं दिख रही है?

राजकुमार राव का क्या कहना है

राजकुमार राव अपनी फ़िल्मों के लिए अच्छा कंटेंट चुनने के लिए जाने जाते हैं। पिछले साल आयी उनकी फ़िल्म स्त्री की भी लोगों ने काफी तारीफ की थी। एक प्रेस कॉंन्फ्रेंस में फ़िल्म को लेकर कुछ सवालों के उन्होंने बड़ी बेबाकी से जवाब दिये।

राजकुमार राव से एक पत्रकार ने जब सवाल किया कि फ़िल्म में दोनों ही किरदार पागल हैं, तो उन्होंने उसे बीच में ही टोक कर कहा। इस शब्द का इस्तेमाल ठीक नहीं है। किरदार पागल नहीं है, जज़ पागल हैं।

क्या रियल में ऐसे किरदार होते हैं, इस सवाल का भी बहुत ही बेबाकी से राजकुमार राव ने जवाब दिया। यह किसी रियल किरदार पर नहीं है। यह फ़िल्मी किरदार हैं, इन्हें फ़िल्मों के लिए लिखा गया है। रियलिटी से इनका कोई लेना देना नहीं है।

अकसर देखा गया है, जिन फ़िल्मों के नाम को लेकर विवाद हुआ, वह बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल रहीं। इस सवाल का राजकुमार राव ने मुशकुराते हुए जवाब दिया ” आपके मुंह में घी शक्कर”

फ़िल्म के सेट के अनुभव के बारे में उन्होंने जवाब दिया कि कंगना और सतीश कोशिक सर के साथ काम करके उन्हें बहुत मजा आया।