सलमान ख़ान की किस्मत का सूरज दरअसल सूरज बड़जात्या ने चमकाया था। सूरज़ बड़जात्या जब मैंने प्यार किया बना रहे थे।मैंने प्यार किया  क्योंकि एक नाज़ुक सी लव स्टोरी है। इस फ़िल्म के लिए उन्हें वैसे ही एक नवयुवक की तलाश थी।ऑड़िशन चल रहे थे।आपको आज ये जानकर हैरानी होगी, उस वक़्त इस फ़िल्म की लाईन में कौन-कौन लगे थे।आज के लेखक़, सिंगर पीयूष मिश्रा, दीपक तिजोरी जैसे कलाकर लाईन में थे।

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सूरज बड़जात्या को मैने प्यार किया  के लिए हीरो मिल चुका था। हीरो देखने में खूबशूरत था। नया था और हुबहू वैसा ही था जैसा सूरज बड़जात्या चाहते थे। अब इस बात पर आप फिर से हैरान होंगे।इस फ़िल्म के लिए बड़जात्या ने जिस नये लड़के को साईन किया था।वह आज का सुपर स्टार सलमान ख़ान तो नहीं था। उस ख़ूबशूरत नोजवान लड़के का नाम फराज ख़ान था।

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फराज ख़ान हीरो साईन हो चुके थे।फराज ख़ान युसुफ ख़ान के बेटे हैं। युसुफ ख़ान बहुत सी फ़िल्मों में विलेन का रोल कर चुके हैं। मैंने प्यार किया कि रिहर्सल या तो शुरू हो चुकी थी या होने वाली थी।फराज बिमार हो गये। बिमार भी ऐसे की फ़िल्म नहीं कर पाये। सूरज बड़जात्या परेशान हो गये। वह फिर से एक नया चेहरा तलाशने लगे।इसी बीच उन्हें किसी ने सलमान ख़ान के बारे में बताया।सलमान ख़ान के वालिद सलीम साहब को भला कौन नहीं जानता था।

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सलमान ख़ान ने उस वक़्त तक बस एक फ़िल्म बीवी हो तो ऐसी  में काम किया था।बीवी हो तो ऐसी में भी हीरो नहीं सहायक भूमिका में थे। वह फ़िल्मों में काम खोज़ ही रहे थे। सूरज़ बड़जात्या से मुलाकात हुई।सूरज बड़जात्या ने सलमान ख़ान को इस फ़िल्म के लिए फराज की जगह साइन कर लिया। इस तरह सलमान ख़ान को मैंने प्यार किया मिली।

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हिन्दी सिनेमा का हीरो धीरे धीरे ख़लायक बनता जा रहा था। हीरो के हाथों में बड़ी बड़ी बंदूकें थमायी जा रही थीं।उस वक़्त मैंने प्यार किया  जब बनी तो लोगों को लग रहा था।नया हीरो है, नई तरह की फ़िल्म है, ना जाने क्या होगा। लेकिन फ़िल्म जब रिलीज हुई। फ़िल्म ने सारे रिकार्ड़ तोड़ दिये। फ़िल्म इतनी बड़ी हिट रही कि इसने बॉलीवुड़ का नज़रिया ही बदल दिया।इस फ़िल्म ने सलमान ख़ान को रातों रात सुपर स्टार बना दिया। सलमान ख़ान ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते चले गये।

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किस्मत की बात है। फराज ख़ान ने बाद में ये फ़िल्में  दुल्हन बनूं में तेरी, दिल ने फिर याद किया,मेंहदी, फरेब, पृथ्वी, चांद बुझ गया  भी की थीं।यह फ़िल्म कुछ ख़ास नहीं चल पायीं।फिरोज़ ख़ान इस बात को शायद ही कभी भूल पायें।मैंने प्यार किया के वक़्त वह बिमार ना होते, तो शायद सलमान ख़ान की जगह आज दुनिया फराज खान को जानती।

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