‘RejctX 2’ Review: वो नक़ाब में आता है और जुर्म करके छिप जाता है

सस्पेंस है भी नहीं भी
50%Overall Score

Zee5 पर रिजेक्ट X के पहले सीजन की सफलता बाद अब दूसरा सीजन भी 14 मई को रिलीज हो गया है। रिजेक्टX का पहला सीजन जहां ख़त्म हुआ था रिजेक्टX 2 वहीं से शुरू होता है। रिजेक्टX 2 लेकिन पहले सीजन से बिल्कुल अलग है। इस सीजन में सारे किरदार पहले से ज़्यादा बड़ी मुसीबत में हैं। कोई तो है जो इन सब केे साथ खेल रहा है। वो कौन है? लास्ट एपीसोड तक सस्पेंस बना रहता है।

निर्देशक: गोल्डी बहल, अर्जुन श्रीवास्तवा

लेखक: गोल्डी बहल, नवनील चक्रबर्ती, नंदिनी गुप्ता, अर्ष वोरा

कलाकार: सुमित व्यास, अनीसा विक्टर, कुब्रा सैत, ईशा गुप्ता, अहमद मसी वली।

प्लेटफार्म: जी5

सिंगापुर के इंटरनेशनल स्कूल में इंडिया स्टेट के एक सी.एम. का लड़का आरव शर्मा(अहमद मसी वली) पढ़ने के लिए पहुंचता है। स्कूल में और भी इंडियन बच्चे हैं जिनके साथ मिलकर वो रिजेक्टX नाम से एक म्यूजिक बैंड बनाता है। उसके आखिरी शॉ से पहले ही उसे कोई किडनेप कर लेता है। आरव का स्कूल के एडमिन और दोस्तों से ऐसा रिश्ता है कि सब लोग शक के दायरे में रहते हैं।

अंत में पता चलता है कि आरव की टीचर अनुष्का राव( कुब्रा सैत) ही उसका किडनेप करती है। अनुष्का से पता चलता है कि आरव का बाप भी उस प्लानिंग का हिस्सा था। यह तो पहले सीजन की कहानी है।

रिजेक्टX 2 में रिेजेक्ट बैंड ग्रुप के सारे स्टूडेंट फिर से मिलते हैं। इस बार उनके ग्रुप में येसा (तनवी सिंधे) क्यारा(अनीसा विक्टर) की बहन के रूप में नया चेहरा हैं।

सीजन 2 में अनुष्का राव मर चुकी है। उसकी मौत की तहक़ीकात करने के लिए एक लेड़ी पुलिस ऑफिसर रेने( ईशा गुप्ता) आती है। ऑफिसर का पूरा शक आरव पर है क्योंकि वो एक बार पहले भी उस पर गोली चला चुका है। ऊपर से उसके बैंड का मास्क पहनकर कोई लोगों को मार रहा है जो आरव जैसा ही दिखता है। एक बार रेने पर भी हमला होता है।

रेने और पूरा रिजेक्टX ग्रुप उस मुजरिम को खोज रहे हैं। उन्हें स्कूल के ही स्टाफ में एक आदमी जेकी(अहमद मसी वली) मिलता है जो देखने में एकदम आरव के जैसा ही है। वह आरव को प्यार करता है। उन लोगों का शक उसी पर जाता है कि वह आरव को फसाने के लिए सब कर रहा है।

अंत में लेकिन जब पता चलता है कि जैकी तो बस एक मोहरा था। यह खेल तो कोई उनके बीच का अपना ही खेल रहा था। वह कौन है? यही सीरीज का सस्पेंस पॉइंट है।

सिनेमा की नज़र से

रिजेक्टX के पहले सीजन के 10 एपीसोड की कहानी और सीजन 2 के भी लगभग सभी एपीसोड की कहानी आरव के नज़दीक घूमती है। पटकथा में आरव पर ज़्यादा ध्यान दिया गया है। यह सीरीज क्योंकि सिंगापुर में बेस्ड है तो सारे ही किरदार थोड़ी अंग्रेजी थोड़ी हिन्दी बोलते हैं। हिन्दी पट्टी के बहुत से लोगो को सीरीज समझने में परेशानी हो सकती है।

वली अफगान मूल के हैं जो कनेडा मे रहते हैं। हालांकि वह मुम्बई को अपना घर बताते हैं। इस से पहले उनका बहुत ही छोटा सा किरदार फ़िल्म कलंक में देखने को मिला था। उसके बाद गोल्डी बहल के निर्देशन में जी5 की सीरीज में लीड रोल किया है। ऐसे लकी मुम्बई में बहुत कम होते हैं।

वली की एक्टिंग बहुत ज़्यादा खास नहीं है। स्क्रीन पर उनके रिएक्शन बहुत ही साधारण हैं जिनका दर्शकों पर कोई असर नहीं पड़ता है। इस पहले सीजन में अनुष्का राव के किरदार में कुब्रा सैत ने अपनी दमदार एक्टिंग से फिर भी बहुत हद तक स्क्रीन पर बैलेंस बनाये रखा था। इस सीजन में उनके ना होने की कमी साफ नज़र आती है।

इस सीरीज की सबसे कमजोर कड़ी है कि इसमें किरदार बहुत ज़्यादा हैं जिनके पास काम बहुत कम है। हुसैन के किरदार में सुमित व्यास के पास पहले सीजन में करने को कुछ खास नहीं था और सीजन 2 में तो और भी नहीं है। यह उनका बडप्पन ही समझो पर्मानेंट रूममेट से शुरूवात करने के बाद कई बड़ी हिट सीरीज और फ़िल्म देने के बाद भी उन्होंने यह किरदार किया।

अनीसा विक्टर को छोड़कर बाकी किसी का भी काम ऐसा नहीं है जो याद रह सके। अनीसा विक्टर की मेहनत दिखती है लेकिन उनके आस पास जो किरदार हैं उनका साथ निभाने में नाकाम नज़र आते हैं।

यह सीरीज 4 लेखकों ने मिलकर लिखी है। उसके बाद भी इसमें बेसिक सी कमियां साफ नज़र आती हैं। जैसे यह एक केम्पस पर आधारित है जबकि कोई क्लास चलती नज़र ही नहीं आती है। यह सारे किरदार किस क्लास में हैं किसी को पता ही नहीं चलता है। वह सारे स्टूडेंट बस पढ़ाई नहीं कर रहे हैं बाकी सब कुछ कर रहे हैं। हिन्दी धारावाहिकों की तरह कोई भी मर रहा है और बाद में ज़िंदा हो रहा है।

निर्देशक एक तो गोल्डी बहल हैं जो द्रोणा, बस इतना सा ख़्वाब है, आई, मी और मैं जैसी फ़िल्में बना चुके हैं। उसके बाद भी निर्देशन कच्चा सा लगता है। ऐसा लगता है कि किरदार उनकी पकड़ में नहीं है। वह सारे के सारे बिखरे हुए हैं। इतने आसान से सीन शूट किये गये हैं जो देखने में बहुत ही साधारण से लगते हैं।

रिजेक्टंX 2 का म्यूजिक जो वाकई अच्छा है। गाने सुनने के बद दौबारा सुनने का दिल करता है। आरव के सर पर सारे इल्ज़ाम हैं, दर्शक जानते हैं आरव नहीं है। शक की सूंई सब पर बराबर घूमती हैं, आरव नहीं तो कौन है जो सब कुछ कर रहा है? क्यों कर रहा है? सस्पेंस अंत तक बना रहता है।

Naseem Shah: