शौरभ शुक्ला थिएटर आर्टिस्ट हैं। उनकी एक्टिंग का कोई जवाब ही नहीं है। उन्हें उनके काम के लिए नेशनल अवार्ड तक मिल चुका है। उनको फ़िल्म सत्या में कल्लू मामा और जॉली एल.एल बी में जज़ के किरदार में लोगों ने बहुत ही ज़्यादा पसंद किया। किरदार निभा चुके हैं। शौरभ शुक्ला एक्टर के साथ एक अच्छे लेखक भी हैं। सत्या में कल्लू मामा का किरदार उन्होंने खुद ही लिखा था। फ़िल्म सत्या के अलावा भी उन्होंने 17 फ़िल्में लिखी हैं। दो सीरियल लिखे हैं। शौरभ शुक्ला की कलम से निकली यह शानदार फ़िल्में।

सत्या- स्क्रिप्ट

सत्या फ़िल्म जिस से फ़िल्म लिखने वाले लिखना सीखते हैं। शौरभ शुक्ला ने अपनी कलम से उसमें जान ड़ाली है।

satya-1998
source

मिथ्या-स्क्रिप्ट

मिथ्या में भी शौरभ शुक्ला की कलम का जादू है।फ़िल्म के जानकार इस फ़िल्म की भी काफी तारीफ करते हैं।

mithya
source

कलकत्ता मेल- डॉयलॉग, स्क्रीनपले

शौरभ शुक्ला ने इस फ़िल्म  को अपने डॉयलॉग से संवारा है। इस फ़िल्म में भी उनकी तारीफ हुई थीं।

hqdefault
source

सलाम ए इश्क़- स्क्रिप्ट

यह फ़िल्म भी शौरभ शुक्ला ने ही लिखी है। फ़िल्म में शौरभ शुक्ला की लेखनी दिखाई देती है।

sa
source

एसिड़ फैक्ट्री-डॉयलॉग

शौरभ शुक्ला ने इस फ़िल्म के डॉयलॉग लिखे हैं। वह डॉयलॉग काफी अच्छे लिखते हैं.

hqdefault (1)
source

रात गई बात गई-  स्क्रिप्ट

रात गई बात गई की कहानी भी शौरभ शुक्ला न ही लिखी है।

raa12d (1)
source

पप्पु कान्ट डान्स साला-स्टोरी एण्ड़ स्क्रीनप्ले

पप्पु कान्ट डान्स साला की स्टोरी एण्ड स्क्रीनप्ले शौरभ शुक्ला ने लिखे हैं। इस फ़िल्म को भी लोगों ने बहुत पसंद किया था।

maxresdefault
source

मुम्बई एक्सप्रेस- डॉयलॉग

मुम्बई एक्सप्रेस में शौरभ शुक्ला ने बहुत ही जमीनी डॉयलॉग लिखे हैं। इस फ़िल्म  की कहानी में इतने घुमाव हैं कि देखने में मा आ जाता है।

maxresdefault (1)
source

ऊट पटांग-डॉयलॉग स्क्रीनप्ले

ऊट पटांग फ़िल्म भी शौरभ शुक्ला की कलम से लिखी गई है। फ़िल्म की लोग काफी तरीफ करते हैं।

ut-pataang
source

शौरभ शुक्ला अपने काम में बहुत ही मेहनत करते हैं। दिल्ली से आकर उन्होंने बहुत दिनों तक स्ट्रगल किया है। दिल्ली रहते भी उन्होंने बहुत से नाटक लिखे हैं। वह जितने अच्छे एक्टर हैं उतने अच्छे लेखक भी हैं।